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Saturday, August 7, 2021

अब जवानों को मिलेगी पसंद की पोस्टिंग, Software के जरिए होगा Transfer


 देश के लिए हर समय अपनी जान दाव पर रख कर धरती मां की सुरक्षा करने वाले जवान की ख्वाइश भी यही होती है कि उसे उसकी पसंद की पोस्टिंग मिल जाए लेकिन ऐसा कम ही हो पाता है। देखा जाए तो आज भी सुरक्षा बलों में जवानों का Transfer बड़ी समस्या है। बड़ी संख्या में तबादलों से जुड़े आवेदन हर साल खारिज किए जा रहे हैं।

जवानों की बढ़ रही शिकायत के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने सभी सुरक्षा बलों को कहा है कि वे हार्ड व सॉफ्ट पोस्टिंग के बीच रोटेशनल Transfer नीति का सख्ती से अनुपालन करते हुए सभी Transfer Software के जरिए करें। इससे Transfer में पारदर्शिता रहेगी।

गृह मंत्री के निर्देश का हवाला देते हुए सुरक्षा बलों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आईटीबीपी, सीआईएसएफ और एसएसबी ने बताया है कि उनका Software तैयार है और उन्होंने उसका उपयोग करना भी शुरू कर दिया है। जबकि सीआरपीएफ, बीएसएफ और असम राइफल्स ने कहा है कि उनका Software एडवांस चरण में है। मंत्रालय ने सभी सुरक्षाबलों से कहा है कि गृह मंत्री के निर्देश को काफी समय बीत चुका है इसलिए अब इसमे देरी नही होना चाहिए।

अधिकारियों का दावा है कि अगर कोई मेडिकल आवश्यकता है या कोई अन्य आकस्मिक स्थिति है तो ऐसे मामलों में प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाता है। जबकि अर्ध सैन्य बल से जुड़े जवानों की कई शिकायतें ऐसी भी हैं, जिन्हें मेडिकल आधार पर भी Transfer के लिए काफी वक्त इंतजार करना पड़ा। उन्हें सक्षम अधिकारियों द्वारा बुलाकर बात भी नही की गई।

आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2016 में करीब 29.58 फीसदी  Transfer से जुड़े आवेदन खारिज हुए थे। जबकि वर्ष 2018 में यह आंकड़ा 60 फीसदी पार कर गया। Covid काल मे पहले तबादलों पर रोक लगा दी गई। बाद में सशर्त Transfer भी बहुत कठिनाई से हुए इसकी वजह से यह आंकड़ा और भी बढ़ गया।

जवान अपनी पसंद की जगह Transfer न मिलने से परेशान होते हैं। कई बार जटिल Transfer नीति के चलते उचित Transfer आवेदन पर भी फैसले में काफी देर होती है। हालांकि सुरक्षा बल से जुड़े अधिकारी दावा करते हैं कि Transfer को लेकर सभी सुरक्षा बलों में उचित तंत्र बनाया गया है। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2016 में करीब 30 फीसदी तबादलों से जुड़े आवेदन खारिज होते थे, लेकिन बाद के सालों में यह आंकड़ा 50 से 60 फीसदी तक पहुंच गया है। एक अधिकारी ने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे कर्मी आवेदन करते हैं जो Transfer के लिए अर्हता नही पूरी करते। ज्यादातर ऐसे आवेदन भी खारिज किए जाते हैं जो अपनी तैनाती का कार्यकाल पूरा किए बिना आवेदन करते हैं। Read more 


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