उस समय पूर्ति निरीक्षक थे ही नहीं अगर ग्रामीणों की बात सच है तो पूर्ति निरीक्षक की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है।
गोंडा, यूपी : सरकार चाहे जितना प्रयास कर ले जिले के उच्च अधिकारी भी पूरी ताकत लगा ले। लेकिन स्थानीय स्तर के कुछ खाद्यान्न से जुड़े अधिकारियों की मिली भगत से खाद्यान्न की कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। यूपी में गोंडा एक ऐसा जिला है जो खाद्यान्न के क्षेत्र में बहुत ही बदनाम है। इससे मजबूर होकर लगभग डेढ़ वर्ष पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने असरफाबाद बनटाँगिया में कहा था कि गरीबों के हक पर डाका मारने वालों लोगों की जगह जेल होगी बावजूद इसके खाद्यान्न की कालाबाजारी रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। Read More

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